बूथ मैनेजर

पंचायत चुनाव में बूथ प्रबंधन

प्रत्याशी और कार्यकर्ताओं के लिए पाँच कदम — तैयारी से मतदान दिवस तक।

  1. हर वार्ड का एक ज़िम्मेदार

    हर वार्ड के लिए एक-दो कार्यकर्ता, जो उस वार्ड के घर पहचानते हों। उन्हें सिर्फ़ उनके वार्ड की सूची दें।

  2. सूची को घर-घर में बदलें

    मतदाता सूची क्रमांक से चलती है, पर काम घर से होता है। मकान नंबर और रिश्तों से परिवार बनाएं — एक घर, एक मुलाकात, एक पर्ची।

  3. नंबर और झुकाव लिखते चलें

    मिलने पर मतदाता की सहमति से मोबाइल नंबर, और झुकाव — पक्का, अपना, पता नहीं, दूसरी तरफ़। यही आगे पर्ची और मतदान दिवस की सूची बनाते हैं।

  4. चिह्न दिवस

    चिह्न मिलते ही हर घर तक चिह्न वाली पर्ची। सबसे पहले अपने लोग और बड़े परिवार।

  5. मतदान दिवस

    पोलिंग एजेंट जिनका वोट पड़ गया उनके क्रमांक बताते रहें; बाकी में से अपने लोगों को फ़ोन करके बुलाएं। हर घंटे देखें किस वार्ड में मतदान कम है।

बूथ मैनेजर में यह सब एक जगह

वार्ड-वार टीम, परिवार, नंबर, झुकाव, चिह्न वाली पर्ची, और मतदान दिवस पर “बाकी मतदाता” — क्रमांक से तेज़ी से दर्ज, अपने लोग सबसे ऊपर।

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